Wednesday, June 12, 2019

राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल का बांसवाड़ा में सफल आयोजन


अभूतपूर्व आयोजन ने 40 हजार से अधिक आम रसिकों का मन मोहा 

तीन दिनों में 5 हजार किलो आम और 250 किलो आमपापड़ की रिकार्ड बिक्री 
बांसवाड़ा, 11 जून/ राजस्थान का दक्षिणांचल बांसवाड़ा जिला यों तो बहुरंगीजनजाति संस्कृति और शिल्प-स्थापत्य के लिए जाना-पहचाना जाता है परंतु पहली बार बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर ‘मेंगो फेस्टिवल’ के आयोजन ने जिले को ‘मैंगो हब’ के बारे में देश-प्रदेश में पहचान दी है। जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के तत्वावधान में तीन दिवसीय यह आयोजन बांसवाड़ा जिला मुख्यालय पर कुशलबाग मैदान में 7 से 9 जून तक हुआ और तीन दिनों मंे 40 हजार से अधिक लोगों ने इसमें अपनी भागीदारी निभाते हुए बांसवाड़ा के आम के प्रति अपने गौरव की अभिव्यक्ति दी।   
46 प्रजातियों के आमों का सम्मोहन: 
जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने बताया कि बांसवाड़ा में आयोजित प्रदेश के पहले ‘मेंगो फेस्टिवल’ के प्रति आमजन का जबरदस्त उत्साह देखा गया और सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र 46 प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी रही। लोग एक ही स्थान पर 46 प्रजातियों के आम देख रोमांचित हुए। प्रदर्शनी में बांसवाड़ा में ही पैदा हो रही आम की 28 प्रजातियों के साथ देसी आम की 18 प्रजातियों का प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रकार विभिन्न 12 स्टाल्स पर विविध प्रजातियों के आमों को एक ही दर 60 रुपये किलो से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया। दूसरी तरफ 8 स्टॉल पर आम के उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय किया गया।  
मेंगो फेस्टिवल में जमकर हुई बिक्री
फेस्टिवल में लोगों ने आम और उनके उत्पादों की जमकर खरीदारी भी की। मेले में लगाई हर स्टाल पर प्रतिदिन स्टॉक खत्म हो गया। फेस्टिवल के दौरान तीन दिनों मंे कुल 50 क्विंटल आम की बिक्री हुई। इसमें पहले दिन 7 क्विंटल, दूसरे दिन 18 क्विंटल तथा तीसरे दिन 25 क्विंटल से अधिक आम की बिक्री हुई। इसी प्रकार आम उत्पादों मंे सर्वाधिक 375 किलो अचार और आम पापड़ की कुल 245 किलो बिक्री हुई।  
बांसवाड़ा में तैयार किए जाने वाले चूसने वाले आम की मिठाई आमपाक की भी 180 किलो की रिकार्ड बिक्री हुई। आरएमबी फर्म के अनिल जोशी द्वारा मेले में पहले दिन 30 किलो, दूसरे दिन 65 तथा तीसरे दिन 85 किलो आम पाक बेचा गया। दूसरी तरफ फेस्टिवल में 1350 अधिक लोगों ने मेंगो शैक का सेवन किया। पहले दिन 300, दूसरे दिन 500 तथा तीसरे दिन 550 मेंगो शैक की बिक्री हुई। लोगों में आम की बागवानी के प्रति उत्साह देखा गया। फेस्टिवल में लोगों ने विविध प्रजातियों के 350 से अधिक पौधे खरीदे।  
फेस्टिवल में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा पोषित त्रिपुरा महिला संघ के माध्यम से कच्ची केरी आम पन्ना की क्रीम द्रव की कुल लगभग 170 लीटर से 400 बोतल की बिक्री की वहीं लगभग 340 लीटर आम पन्ना पेस्ट से तैयार किए गए जूस को 5 हजार से अधिक लोगो द्वारा चखा गया एवं बनेश्वर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा 680 किलो केशर आम और उनकी स्लाईस का स्टाल पर लोगों द्वारा टेस्ट किया गया।   
जानकारीपरक साहित्य का विमोचन: 
प्रदेश के पहले ‘मेंगो फेस्टिवल 2019’ में सामान्यजन को जिले में पैदा होने वाले आम की प्रजातियों तथा उससे बनने वाले उत्पादों की ज्ञानवर्द्धक जानकारी देने वाले फोल्डर्स का विमोचन किया गया। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (स्वतंत्र प्रभार) उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र, उद्यान विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र की टीम द्वारा तैयार किए गए दो फोल्डर्स का विमोचन किया।   जनसंपर्क उपनिदेशक कमलेश शर्मा के निर्देशन में तैयार इस फोल्डर में आम की प्रजातियों की जानकारी समाहित थी। 
‘आम्रकुंज‘ विषय पर हुई पोस्टर प्रतियोगिता: 
मेंगो फेस्टिवल में ‘आम्रकुंज’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 44 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और आम पर अपनी कल्पनाओं को रंग व कूंची से साकार किया। प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में टीशा कंसारा प्रथम, तुषार पडियार द्वितीय और करामत खां तृतीय रहे। इसी प्रकार जुनियर वर्ग में रागिनी जोशी प्रथम, जेमित कंसारा द्वितीय तथा शिवि जैन तृतीय रहे। विजेताओं को जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता ने पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कारों के तहत सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों को दशहरी आम तथा जुनियर वर्ग को केरीपना शर्बत उपहार में दिया गया।
हरदम मौजूद रहे अधिकारी:  
मेंगो फेस्टिवल के तहत आम की रिकार्ड बिक्री को देखते हुए संबद्ध विभागीय अधिकारियों द्वारा भी स्टॉल्स पर नज़र रखते हुए कमी होने पर आपूर्ति की। कृषि अनुसंधान केन्द्र के संभागीय निदेशक डॉ. प्रमोद रोकड़िया व सहायक आचार्य डॉ. प्रशांत जांबुलकर, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. एचएल बुगालिया, कृषि उपनिदेशक भूरालाल पाटीदार, रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी, राजीविका के सुरेश त्रिवेदी, उद्यान विभाग के प्रभारी प्रीतम बामनिया द्वारा लोगों की सुविधा के लिए आम और उनके उत्पादों की बिक्री पर नज़र रखी। जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह, सचिव हेमांग जोशी, पर्यटन उपनिदेशक कमलेश शर्मा, समिति सदस्य मुजफ्फरअली, पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाड़िया आदि ने भी व्यवस्थाएं सुचारू करने में सहयोग दिया। 



Sunday, June 9, 2019

राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिन उमड़े लोग

बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया लुत्फ, 

हर किसी ने कहा- अद्भुत और अनूठा आयोजन

बांसवाड़ा, 9 जून/ फलों के राजा आम की बांसवाड़ा में पाई जाने वाली 46 प्रजातियों से देश-दुनिया को रूबरू करवाने के लिए बांसवाड़ा में आयोजित राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिन हजारों की संख्या मंे लोग उमड़े और मेले का लुत्फ उठाते हुए इसे अद्भुत, अपूर्व और अनूठा आयोजन बताया। 

जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के तत्वावधान में आयोजित हो हुए इस तीन दिवसीय बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में पिछले तीन दिनों से लोगों ने आम की ढेर सारी प्रजातियों को एक साथ देखने के साथ इन्हें खाने का लुत्फ उठाया वहीं बड़ी संख्या मंे आम फलों की खरीदी भी की। 

रविवार को अवकाश का दिन होने के कारण हजारों की संख्या में लोग उमड़े और इन स्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पुख्ता तैयारियां की गई थी। आम के विविध स्टाल्स पर आम की पर्याप्त तादाद भी मंगवाई गई और इसे लोगों को उपलब्ध कराया गया।  रविवार को फेस्टिवल मेले में 10 हजार के अधिक मेलार्थी पहुंचें और फेस्टिवल का लुत्फ उठाया।  इधर, आयोजक पिछले दो दिनों मंे आमजनता से मिले रेस्पोंस से भी बड़े खुश है और पहली ही बार हुए सफल आयोजन को लेकर उत्साहित दिख रहे हैं। 

देर शाम जिला कलक्टर आशीष गुप्ता भी पहुंचे और उन्होंने यहां विविध स्टालों पर उमड़ने वाले लोगों को दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए।  

पुदिना मिश्रिम आम पना का दिखा आकर्षण: 
रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी ने बताया कि फेस्टिवल में रिलायंस फाउंडेशन द्वारा पोषित त्रिपुरा महिला संघ के माध्यम से कच्ची केरी आम पन्ना की क्रीम द्रव की कुल लगभग 170 लीटर से 400 बोतल की बिक्री की वहीं लगभग 340 लीटर आम पन्ना पेस्ट से तैयार किए गए जूस को 5 हजार से अधिक लोगो द्वारा चखा गया एवं बनेश्वर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा 680 किलो केशर आम और उनकी स्लाईस का स्टाल पर लोगो द्वारा टेस्ट किया गया। चौधरी ने बताया कि फेस्टिवल में मिले रेस्पोंस के बाद अब महिला समूह द्वारा शहर में आम पना की दुकान लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। 

आम की हुई रिकार्ड  25 क्विंटल बिक्री: 
रविवार को कृषि अनुसंधान केन्द्र, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यान विभाग और ग्रामीण काश्तकारों के विभिन्न स्टाल्स पर समस्त प्रजातियों के कुल 25 क्विंटल से अधिक आमों की बिक्री हुई जो पिछले तीन दिनों मंे सर्वाधिक है।  जिले के प्रसिद्ध छींच गांव के प्रेमदीप आम अचार के स्टाल पर भी आज 130 किलो आम का अचार बिका। लोगों ने यहां पर फर्म मालिक प्रेमनागर और जगदीश नागर से आम अचार को टेस्ट करते हुए अचार खरीदा। इधर उद्यान विभाग के स्टाल पर जलज उपाध्याय के निर्देशन मंे प्रतिदिन की भांति 45 किलो आम पापड़ के साथ आम के 150 पौधों तथा विविध प्रजातियों के आमों की भी बिक्री की गई। इसी प्रकार राजीविका के स्टाल पर भी 25 किलो अचार की बिक्री हुई।
आमपाक और मेंगो शैक का दिखा रौब: 
बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में पहुंचने वाले लोगों की पहली पसंद देसी आम के रस से बनाएं जाने वाले आरएमबी के अनिल जोशी द्वारा तैयार किया जाने वाला परंपरागत आम पाक रहा। तीनों दिनों मंे पहले दो घंटों में ही पूरा-पूरा बिक जाने वाला आम पाक रविवार को भी 85 किलो बिका। अनिल जोशी ने बताया कि आयुर्वेद में क्रोचपाक, बादामपाक सहित कई प्रकार के पाक के बारे में बताया गया है। आमपाक भी शक्तिवर्द्धक पाक होता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की दुर्बलता दूर होती है। इसके साथ ही भीषण गर्मी में भी स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है। दूसरी तरफ मेंगो फेस्टिवल में लोगों ने रविवार को 550 ग्लास मैंगो शैक गटका । इस स्टाल पर नोवल्टी ज्यूस के रफीक भाई ने पूरे उत्साह के साथ लोगों को रियायती दर पर मेंगो शैक उपलब्ध कराया।    

बांसवाड़ा/मेंगो फेस्टिवल में रविवार को उमड़ी भीड़।
काश्तकारों को हुआ फायदा, भविष्य में इसको मिलेगा बढ़ावा
रिटायर्ड रेंजर सज्जनसिंह राठौड़ ने बताया कि इस महोत्सव के आयोजन का सबसे बड़ा फायदा गांव के छोटे काश्तकारों को मिलेगा क्योंकि अब तक जो काश्तकार सीधे ही बड़े व्यापारियों को औने-पोने दामों मंे अपने आमों को बेच देते थे वे अब इस तरह के महोत्सव के माध्यम से अपनी उपज का पूरा-पूरा और सम्मानजनक दाम ले पाएंगे। 

दूर दराज से पहुंचे लोग, बोले पहली बार देखी आम की इतनी सारी प्रजाति: 
मेंगो फेस्टिवल को देखने के लिए डूंगरपुर से पहुंचे दो परिवार बेहद उत्साहित दिखे। डूंगरपुर के दुर्गाशंकर गामोट, लीना गामोट, भूपेन्द्र गामोट, ज्योति गामोट और अमित गामोट ने पूरे दो घंटे फेस्टिवल में बिताये और सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र 46 प्रजातियों के आमों की प्रदर्शनी को बताया। दुर्गाशंकर गामोट ने इसे वागड़ का अनूठा आयोजन बताया तो भूपेन्द्र गामोट ने इसे माही के वरदान के कारण इस अंचल का सौभाग्य बताया कि यहां इतनी सारी प्रजातियों का उत्पादन हो रहा है।

बांसवाड़ा/ मेंगो फेस्टिवल को देखने डूंगरपुर से पहुंचे परिवार।


महिला समूहों को मिलेगा बढ़ावा:  
फेस्टिवल में पिछले तीन दिनों से महिलाओं को आम उत्पादों के बारे में जानकारी दे रही कृषि विज्ञान केन्द्र की रश्मि दवे ने कहा कि इस फेस्टिवल के माध्यम से महिला समूहों को आयजनक गतिविधियों के लिए अवसर प्राप्त हुआ है।
बांसवाड़ा/ श्रीमतीरश्मि दवे।

अब तक सिर्फ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाएं इस प्रकार के फेस्टिवल के माध्यम से अपने उत्पादों को भी बेचना सीख रही है। उन्होंने यहां पहुंची महिलाओं को आम पना, केरी पुदिना शर्बत, अमचुर पाउडर, केरी मुरब्बा, आम का मीठा अचार, केरी जेम, केरी लोंजी तथा केरी पुदिना केण्डी के निर्माण की प्रविधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

ग्राम्यांचलों से भी आये मेंगो फेस्टिवल में
मेंगो फेस्टिवल के अंतिम दिवस रविवार को मेले में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। शहर के साथ ही दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग मेले में आये। उन्होंने मेले में प्रदर्शित हो रहे आम की विभिन्न किस्मों को देखा। आम बाग लगाने, पैदावार बढ़ाने आदि की जानकारी ली।
बांसवाड़ा/ मेंगो फेस्टिवल में प्रदर्शनी को देखते शहरवासी।

‘यह खास महोत्सव है’
प्रदेश के पहले मेंगो फेस्टिवल ने आमजन के मन में विशेष प्रभाव छोड़ा है। लोगों का मानना है कि यह आयोजन बांसवाड़ा की पहचान बनेगा। यह आम का खास महोत्सव है। एक ही परिसर में सभी प्रकार के आमों की जानकारी, उपलब्धता तथा आम से बनने वाले उत्पादों का मिलना लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा।

ये रहे मौजूद: 
मेंगो फेस्टिवल के तहत आम की रिकार्ड बिक्री को देखते हुए संबद्ध विभागीय अधिकारियों द्वारा भी स्टॉल्स पर नज़र रखते हुए कमी होने पर आपूर्ति की जा रही है। कृषि अनुसंधान केन्द्र के संभागीय निदेशक डॉ. प्रमोद रोकड़िया व सहायक आचार्य डॉ. प्रशांत जांबुलकर, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. एचएल बुगालिया, कृषि उपनिदेशक भूरालाल पाटीदार, रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी, राजीविका के सुरेश त्रिवेदी, उद्यान विभाग के प्रभारी प्रीतम बामनिया द्वारा लोगों की सुविधा के लिए आम और उनके उत्पादों की बिक्री पर नज़र रखी। जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह, सचिव हेमांग जोशी, पर्यटन उपनिदेशक कमलेश शर्मा, समिति सदस्य मुजफ्फरअली, पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाड़िया आदि ने भी व्यवस्थाएं सुचारू करने में सहयोग दिया।







देशभर के मीडिया ने सराहा 'बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल' को



कृपया संबंधित समाचार को देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें 


  • देश की सबसे बड़ी समाचार एजेंसी ANI : बाँसवाड़ा का मेंगो फेस्टिवल  https://youtu.be/TpjJlVArBek



















Saturday, June 8, 2019

बाँसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल : ‘आम’ प्रेमियों में फेस्टिवल के प्रति जबर्दस्त उत्साह

राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल का दूसरा दिन 

आम की 46 प्रजातियों को देख अभिभूत हुए लोग


बांसवाड़ा, 8 जून/फलों के राजा आम की बांसवाड़ा में पाई जाने वाली 46 प्रजातियों से देश-दुनिया को रूबरू करवाने के लिए आयोजित राजस्थान के पहले मेंगो फेस्टिवल के दूसरे दिन शनिवार को भी बांसवाड़ा के कुशलबाग मैदान में आमप्रेमियों का उत्साह परवान पर रहा। जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में लोग आम की ढेर सारी प्रजातियों को एक साथ देखने के साथ इन्हें खाने का लुत्फ भी उठा रहे हैं। शनिवार को जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता व जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने भी सभी स्टाल का अवलोकन किया।








बांसवाड़ावासियों में मल्लिका का मोह, केसर की भी खूब डिमांड: 

मेंगो फेस्टिवल में बिक्री के लिए पहुंची आम की विविध प्रजातियों के प्रति लोगों का उत्साह देखने लायक है। बांसवाड़ावासियों में आम की मल्लिका प्रजाति के प्रति विशेष मोह दिखाई दे रहा है क्योंकि इस प्रजाति के आमों की पहले ही दिन ही लगभग 400 किलो की बिक्री हुई वहीं आज भी इसकी रिकार्ड बिक्री देखी गई। मेलार्थियों द्वारा आम की रसीली केसर प्रजाति की भी खासी डिमांड की जा रही है और लोगों ने इसको खरीदने के साथ इसको चखने में भी काफी रूचि दिखाई है। आज केसर प्रजाति के आम की भी लगभग 200 किलों की बिक्री दर्ज की गई।  





आम पापड़, आमपाक और अचार लोगों की पहली पसंद: 

बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल में पहुंचने वाले लोगों की पहली पसंद आम के रस से बनाएं जाने वाला परंपरागत आम पापड़ और आम पाक है। पहले ही दिन जहां इन तीनों स्टालों पर लाये गए आम उत्पादों की जहां दो घंटों के भीतर ही रिकार्ड बिक्री हुई थी वहीं आमपाक तो स्टाल पर खत्म ही हो गया। 




अधिकारियों ने रखी नज़र:  

मेंगो फेस्टिवल के तहत आम की रिकार्ड बिक्री को देखते हुए संबद्ध विभागीय अधिकारियों द्वारा भी स्टॉल्स पर नज़र रखते हुए कमी होने पर आपूर्ति की जा रही है। कृषि अनुसंधान केन्द्र के संभागीय निदेशक डॉ. प्रमोद रोकडि़या व सहायक आचार्य डॉ. प्रशांत जांबुलकर, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. एचएल बुगालिया, कृषि उपनिदेशक भूरालाल पाटीदार, रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी, राजीविका के सुरेश त्रिवेदी, उद्यान विभाग के प्रभारी प्रीतम बामनिया द्वारा लोगों की सुविधा के लिए आम और उनके उत्पादों की बिक्री पर नज़र रखी। जिला पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह, सचिव हेमांग जोशी, पर्यटन उपनिदेशक कमलेश शर्मा, समिति सदस्य मुजफ्फरअली, पर्यटन अधिकारी अनिल तलवाडि़या आदि ने भी व्यवस्थाएं सुचारू करने में सहयोग दिया। 



आम उत्पादों के निर्माण की विधि बताई: 

मेंगो फेस्टिवल में आने वाली महिलाओं द्वारा आम के विविध उत्पादों को बनाने की विधि जानने के प्रति भी विशेष रूचि देखी गई। इसके लिए फेस्टिवल में कृषि विज्ञान केन्द्र के स्टाल पर रश्मि दवे ने यहां पहुंची महिलाओं को आम पना, केरी पुदिना शर्बत, अमचुर पाउडर, केरी मुरब्बा, आम का मीठा अचार, केरी जेम, केरी लोंजी तथा केरी पुदिना केण्डी के निर्माण की प्रविधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दूसरी तरफ कृषि विज्ञान केन्द्र के स्टाल पर ही कृषि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी लोगों की शंकाओं का समाधान सुझाया। 



आज इतनी हुई बिक्री: 

मेंगो फेस्टिवल में शनिवार को 18 क्विंटल आमों की बिक्री हुई। बांसवाड़ा जिले के प्रसिद्ध छींच गांव के प्रेमदीप आम अचार के स्टाल पर एक क्विंटल से ज्यादा आम का अचार बिका। लोगों ने यहां पर फर्म मालिक प्रेमनागर और जगदीश नागर से आम अचार को टेस्ट करते हुए अचार खरीदा। आरएमबी की स्टाल पर 60 किलो आम पाक बिका। इसी प्रकार राजीविका के स्टाल पर भी 17 किलो अचार व दस किलो आम पापड़, के निर्देशन में स्टाल पर 50 किलो आम पापड़ तथा आम के 100 से अधिक पौधों की बिक्री की गई। रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी के निर्देशन में लगे स्टाल पर बड़ी संख्या में लोगो ने केरीपना का लुत्फ उठाया। बनेश्वर कृषक प्रोड्यूसर समिति के तत्वावधान में आम पना और आम के कई उत्पादों का विक्रय भी किया गया। 


स्टॉल पर ही बनाया मेंगो शैक

लोगों में मैंगो शैक के प्रति उत्साह को देखते हुए शनिवार को स्टॉल पर मैंगो शेक बनाकर दिया गया ताकि सभी मेलार्थी बिना रूकावट मैंगो शैक का रसास्वादन कर सके। नोवल्टी ज्यूस के रफीक भाई ने बताया कि उनके द्वारा केवल दो माह ही मैंगो शैक बनाकर बैचा जाता है ताकि क्वालिटी मैंगो से शैक बनाकर ग्राहकों को दिया जा सकें। 
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फेस्टिवल में हुई पोस्टर प्रतियोगिता

नौनिहालों में उत्साह अपार, रंगों से रचा ‘आम’ का रंगीन संसार 

बांसवाड़ा, 8 जून/मेंगो फेस्टिवल के तहत शनिवार को कुशलबाग मैदान में आम पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और अपनी कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले उत्साहित विद्यार्थियों ने रंगों के सहारे ‘आम’ पर अपनी कल्पनाओं के घोड़े दौड़ाएं और आकर्षक चित्रांकन किया। हरे भरे आम के पेड़ों पर मंडराते पक्षियों के साथ पके और हरे आमों की जुगलबंदी के नज़ारों ने भी मौजूद लोगों को आकर्षित किया। 



 शिक्षा विभाग के संयोजन में आयोजित प्रतियोगिता में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मणिलाल छगन, श्रीमती अंजलिका पलाट, महेंद्र त्रिवेदी, तन्मय मेहता, राजेंद्र जोशी, रोहित राणा, अमित सोनी, कृतिका कंसारा, हेमंत उपाध्याय, दक्षा उपाध्याय, वासुदेव शर्मा आदि ने पोस्टर प्रतियोगिता में सहयोग प्रदान किया। 

यह रहे परिणाम

सीनियर वर्ग में टीशा कंसारा प्रथम, तुषार पडियार द्वितीय और करामत खां तृतीय रहे। इसी प्रकार जुनियर वर्ग में रागिनी जोशी प्रथम, जेमित कंसारा द्वितीय तथा शिवि जैन तृतीय रहे। विजेताओं को जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता ने पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कारों के तहत सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों को दशहरी आम तथा जुनियर वर्ग को केरीपना शर्बत उपहार में दिया गया। प्रतियोगिता में 44 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। निर्णायक अमित सोनी, कृतिका कंसारा, वासुदेव सुत्रधार रहे।
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फोटो - 8 व 9: मेंगो फेस्टिवल के तहत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेते विद्यार्थी तथा विजेताओं को पुरस्कृत करते अतिथि।

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Friday, June 7, 2019

बाँसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल का भव्य आगाज़


राजस्थान का पहला मेंगो फेस्टिवल शुरू 


कुशलबाग मैदान में सजा  फलों के राजा ‘आम’ का ’खास’ संसार



बांसवाड़ा, 7 जून/फलों के राजा आम की बांसवाड़ा में पाई जाने वाली 46 प्रजातियों से देश-दुनिया को रूबरू करवाने के लिए राजस्थान का पहला मेंगो फेस्टिवल बांसवाड़ा के कुशलबाग मैदान में शुक्रवार शाम से शुरू हुआ।  जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा बांसवाड़ा पर्यटन उन्नयन समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय बांसवाड़ा मेंगो फेस्टिवल का शुभारंभ जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (स्वतंत्र प्रभार) उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया के मुख्य आतिथ्य में हुआ।


पहला और सफल प्रयास: बामनिया 

राज्यमंत्री बामनिया ने आज शाम फेस्टिवल का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया और फेस्टिवल की विविध स्टाल्स का अवलोकन किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र तथा उद्यान विभाग द्वारा किया गया यह पहला और सफल प्रयास बांसवाड़ा जिले में आम की इतनी सारी प्रजातियों की उपलब्धता को देश-दुनिया तक पहुंचाएगा। उन्होंने इस आयोजन की सफलता में जुटे अधिकारियों की भी सराहना की। इस मौके पर जिला कलक्टर आशीष गुप्ता ने राज्यमंत्री बामनिया को समस्त स्टाल्स का अवलोकन करवाया। उन्होंने यहां पर आम की प्रजातियों के प्रदर्शन को भी देखा तथा यहां विविध स्टाल्स पर आम प्रजातियों को चखा भी। इस मौके पर नगरपरिषद सभापति मंजूबाला पुरोहित, समाजसेवी जेनेन्द्र त्रिवेदी, पार्षद अमजद हुसैन, देवबाला राठौड़, समाजसेवी विकेश मेहता, शैलेन्द्र वोरा, न्याजुदुल्ला खा, पर्यटन उन्नयन समिति के संरक्षक जगमालसिंह, सचिव हेमांग जोशी, मुजफ्फर हुसैन, जिला परिषद सीईओ गोविंदसिंह राणावत सहित कई विभागीय अधिकारी व अन्यजन मौजूद थे।  
फेस्टिवल में 13 स्टॉल्स पर आम की विविध 46 प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई गई थी वहीं 8 पर आम के उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय किया गया। एक स्टॉल तकनीकी परामर्श केन्द्र के रूप में स्थापित थी जहां पर कृषि अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक मौजूद रहकर आम के संबंध में जनसामान्य की शंकाओं का समाधान कर रहे थे।



दो घंटों में ही लगभग सात क्विंटल आम बिका: 

बांसवाड़ा में पहली बार आयोजित हो रहे मेंगो फेस्टिवल के प्रति लोगों दिवानगी इस कदर थी कि फेस्टिवल के शाम 6 बजे से शुरू होने से एक घंटे पहले ही अलग-अलग स्टाल्स पर पहुंच गए और आम व उत्पादों की खरीदी शुरू कर दी। रात्रि 8 बजे तक मल्लिका, लंगड़ा, केसर, जंबो केसर गुजरात, चौरा, आम्रपाली, दशहरी, आदि प्रजातियों के स्टाल्स पर लाए गए आम खत्म हो गए और लोगों ने मजबूरन दूसरी प्रजातियों के आम खरीदे। रात्रि साढ़े आठ बजे तक कृषि अनुसंधान केन्द्र के संभागीय निदेशक डॉ. प्रमोद रोकड़िया निर्देशन में संचालित स्टाल्स पर 4 क्विंटल, कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रभारी डॉ. एचएल बुगालिया के निर्देशन में संचालित स्टाल पर 2 क्विंटल और रैयाणा से पहुंचे काश्तकार गैफरलाल के स्टाल्स पर 90 किलो से अधिक आम की बिक्री हो गई। 

आमपाक डेढ़ घंटे में ही साफ: 

बांसवाड़ा में खासतौर पर बनाए जाने वाले आमपाक के प्रति भी लोगों की दिवानगी आज नज़र आई। शहर के आजाद चौक की 90 वर्ष पुरानी फर्म आरएमबी के अनिल जोशी द्वारा लगाए गए स्टाल पर करीब 30 किलो आमपाक बिक्री के लिए रखा गया था और डेढ़ घंट के अंतराल में ही इस स्टाल पर आमपाक साफ हो गया। 
एक क्विंटल से ज्यादा बिका अचार: 
मेंगो फेस्टिवल में बांसवाड़ा जिले के प्रसिद्ध छींच गांव के प्रेमदीप आम अचार के स्टाल पर एक क्विंटल से ज्यादा आम का अचार बिका। लोगों ने यहां पर फर्म मालिक प्रेमनागर और जगदीश नागर से आम अचार को टेस्ट करते हुए अचार खरीदा। इसी प्रकार राजीविका के स्टाल पर भी 17 किलो अचार व दस किलो आम पापड़, उद्यान विभाग के प्रभारी प्रीतम बामनिया के निर्देशन में स्टाल पर 48 किलो आम पापड़ तथा आम के 50 पौधों की बिक्री की गई। रिलायंस फ़ाउंडेशन के जितेन्द्र चौधरी के निर्देशन में लगे स्टाल पर बड़ी संख्या में लोगो ने केरीपना का लुत्फ उठाया। दूसरी तरफ कृषि विज्ञान केन्द्र के स्टाल पर रश्मि दवे  ने लोगो को आम पना, केरी पुदिना शर्बत, अमचुर पाउडर, केरी मुरब्बा, आम का मीठा अचार, केरी जेम, केरी लोंजी तथा केरी पुदिना केण्डी को टेस्ट कराया और इसकी निर्माण प्रविधि के बारे में जानकारी दी।    

250 ग्लास मेंगो शैक गटका:

मेंगो फेस्टिवल में लोगों ने 250 ग्लास मैंगो शैक गटका और साढ़े आठ बजे तक जमा स्टॉक खत्म हो गया। इस स्टाल पर नोवल्टी ज्यूस के रफीक भाई ने पूरे उत्साह के साथ लोगों को रियायती दर पर मेंगो शैक उपलब्ध कराया।    

पोस्टर प्रतियोगिता आज: 

मेंगो फेस्टिवल के तहत आम पर आधारित पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता 8 जून को शाम 6 बजे कुशलबाग मैदान में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग स्कूली विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है।   

स्काउट्स ने दी सेवाएं

मेंगो फेस्टिवल में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खान्दू कॉलोनी के स्काउट्स शुभम राठौड़, अर्जुन, विशाल निनामा, गौरव पंचाल, जयेश कलाल, राहुल शाह, लोकेन्द्र सिंह ने गाइडर दक्षा उपाध्याय के निर्देशन में सेवाएं दी।
राज्यमंत्री बामनिया ने बताई ‘खटाई’ की विशेषताएं
राज्यमंत्री श्री अर्जुनसिंह बामनिया ने कृषि विज्ञान केन्द्र की स्टॉल पर आम की खटाई को देखकर खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपने बाल्यकाल से खटाई के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने जिला कलेक्टर से इसके संबंध में अपने अनुभव सांझा किये।

आज भरपूर मिलेगा आम


जिला कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि आज जिन स्टॉल्स पर अप्रत्याशित भीड़ उमड़ने के कारण आम और आम के उत्पाद खत्म हो गए थे उन्हें आगामी दो दिनों में पर्याप्त तादाद में रखवाया जाएगा तथा किसी भी मेलार्थी को निराश नहीं लौटाया जाएगा।
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मेंगो फेस्टिवल में आम विषयक दो फोल्डर्स का हुआ विमोचन

फोटो संलग्न
बांसवाड़ा, 7 जून/प्रदेश के पहले ‘मेंगो फेस्टिवल 2019’ में सामान्यजन को जिले में पैदा होने वाले आम की प्रजातियों तथा उससे बनने वाले उत्पादों की ज्ञानवर्द्धक जानकारी देने वाले फोल्डर्स का विमोचन किया गया।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (स्वतंत्र प्रभार) उद्योग एवं राजकीय उपक्रम विभाग राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने जिला प्रशासन, कृषि अनुसंधान केन्द्र, उद्यान विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र की टीम द्वारा तैयार किए गए फोल्डर का विमोचन किया। जनसंपर्क उपनिदेशक कमलेश शर्मा के निर्देशन में संपादन टीम द्वारा विशेष रूप से फेस्टिवल के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले इस फोल्डर में आठ पृष्ठों में मेंगो फेस्टिवल आयोजन के उद्देश्य, आम के उत्पादन व विपणन की स्थिति के साथ बांसवाड़ा में पाए जाने वाले आम की समस्त प्रजातियों की फोटो और नामों के साथ यहां के आमों की विशिष्टता के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई है। संपादन टीम में डॉ. प्रमोद रोकड़िया, डॉ. एचएल बुगालिया, डॉ. प्रशांत जांभुलकर, प्रीतम कुमार बामनिया द्वारा जानकारी जुटाई गई है। राज्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना की। 
इसी प्रकार कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आम प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन शीर्षक से तैयार किए बहुरंगी फोल्डर का भी विमोचन किया गया। इसमें दी गई सामग्री का संकलन श्रीमती रश्मि दवे, डॉ. एच.एल. बुगालिया, डॉ. बी.एस. भाटी तथा डॉ. जी.एल. कोठारी ने किया। फोल्डर में आम पापड़, आम की चटनी, आम स्क्वैश, कच्चरी केरी-पुदीने का शर्बत, आम का जैम, आम का लच्छा मुरब्बा, आम का आचार, केरी पुदीना केण्डी बनाने की सरल विधि बताई गई है।
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फोटो - 11: राज्यमंत्री अर्जुनसिंह बामनिया जिला प्रशासन, कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा तैयार किये गए बहुरंगी फोल्डर का विमोचन करते हुए।



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